कोरिया जिले के बचरापोड़ी पुलिस चौकी में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ और उनके सहयोगी एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव ने एक मर्ग जांच के दौरान शिकायतकर्ता से अवैध धन की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में कुछ समय पहले एक दर्दनाक हादसा हुआ था, जिसमें डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। इसी जांच के दौरान शिकायतकर्ता सतेंद्र प्रजापति पर कथित रूप से दबाव बनाया गया कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा सकता है। आरोप है कि फर्जी तरीके से केस में उलझाने की धमकी देकर पहले 50 हजार रुपये की मांग की गई।
बताया जा रहा है कि बाद में सौदेबाजी के बाद 25 हजार रुपये में मामला तय हुआ। परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी पुलिसकर्मियों ने 25 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
ACB की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून के रखवालों द्वारा ही यदि कानून का उल्लंघन किया जाए तो आम जनता का विश्वास किस पर टिका रहेगा।
