छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रजिस्ट्री शुल्क एवं जमीन की गाइडलाइन दरों में की गई अभूतपूर्व बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने शनिवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्षों की नई नियुक्ति के बाद यह पहला अवसर था, जब दुर्ग शहर, भिलाई, और दुर्ग ग्रामीण के तीनों अध्यक्षों सहित कांग्रेस नेताओं की बड़ी संख्या सड़क पर उतरी। प्रदर्शनकारियों ने इस निर्णय को “तानाशाही” बताते हुए सरकार का पुतला फूंका और फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।
पटेल चौक पर कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र पटेल चौक रहा, जहां कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ जमीन कारोबारियों और आम लोगों ने भी भारी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लगातार नारेबाजी होती रही और ‘Boycott रजिस्ट्री’ के पोस्टर भी लगाए गए।
पुतला दहन, पुलिस रोकने में नाकाम
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का पुतला फूंका। पुलिस ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ की संख्या अधिक होने के चलते वे सफल नहीं हो सके। कार्यकर्ता पुतले पर चढ़कर भी नारेबाजी करते रहे।
“50 से 100% तक की वृद्धि अनुचित”: कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और गाइडलाइन दरों में 50% से 100% बढ़ोतरी प्रदेश में आम जनता, किसानों और जमीन कारोबारियों पर सीधा हमला है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी वृद्धि न तो तर्कसंगत है और न ही जनहित में।
उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप
भिलाई जिला अध्यक्ष ने कहा कि यह फैसला पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आरोप है कि यदि बड़ी कंपनियाँ जमीन खरीदती हैं, तो बढ़ी हुई गाइडलाइन दरों के आधार पर वे अधिक लोन प्राप्त कर सकेंगी। यह लाभ आम लोगों को नहीं बल्कि बड़े उद्योगपतियों को मिलेगा।
प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की चेतावनी
दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के हित में कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी।
आम जनता में गहरा आक्रोश
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से जमीन खरीदना बेहद मुश्किल हो जाएगा। किसान अपनी जमीन बेच नहीं पाएंगे और मध्यमवर्गीय परिवार जमीन खरीदने की स्थिति में नहीं रहेंगे। रजिस्ट्री कार्यालयों में पहले ही सन्नाटा पसरा है।
भाजपा सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप
दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार का यह निर्णय पूरी तरह जनविरोधी है। उन्होंने बताया कि पूर्व भूपेश बघेल सरकार ने पंजीयन शुल्क में 30% की छूट दी थी, जिससे कोरोना काल में जमीन कारोबार को राहत मिली थी। नई बढ़ोतरी ने फिर से बाजार को संकट में डाल दिया है।
