बिलासपुर जिले के कोटा स्थित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में शासकीय धन के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यालय में पदस्थ दो कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी राशि में हेरफेर किया और करीब 30 लाख रुपये का गबन कर लिया। मामले के उजागर होने के बाद थाना कोटा में आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, BEO कार्यालय में पदस्थ लेखापाल नवल सिंह पैंकरा और कार्यालय कर्मचारी देवेंद्र कुमार पाल पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच “अन्य भत्तों” (Other Allowances) के मद में फर्जी दस्तावेज तैयार कर राशि में असामान्य बढ़ोतरी दिखाते हुए शासकीय धन की निकासी की। इस दौरान वित्तीय अभिलेखों और भुगतान प्रविष्टियों में गड़बड़ी की गई, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब कार्यालय में नियमित लेखा परीक्षण के दौरान कुछ प्रविष्टियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद दस्तावेजों का मिलान किया गया, जिसमें “अन्य भत्तों” की राशि में असामान्य वृद्धि और स्वीकृति प्रक्रिया में अनियमितता सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र मिश्रा ने स्वयं थाना कोटा पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 171/26 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की जांच, बैंक लेन-देन का परीक्षण और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह मामला सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस और विभागीय स्तर पर जांच जारी है, जिससे आने वाले समय में मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
