छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हाल ही में एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के कई निजी स्कूलों द्वारा स्वयं को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध बताकर सैकड़ों छात्रों का प्रवेश लिया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि इन स्कूलों के पास CBSE की मान्यता ही नहीं थी। इस खुलासे के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
मामले के अनुसार, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल और नारायण ई-टेक्नो स्कूल सहित कई अन्य संस्थानों पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अभिभावकों को गुमराह कर बच्चों को CBSE पैटर्न के अनुसार पढ़ाई करवाई और पूरे वर्ष परीक्षाएं भी लीं। लेकिन जब इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ, तब स्थिति और गंभीर हो गई। अब इन स्कूलों द्वारा कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों पर दोबारा परीक्षा देने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
