छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। हाल ही में तमनार क्षेत्र के बाद अब लैलूंगा ब्लॉक के ग्राम घटगांव में तीन अलग-अलग किसानों के खेतों में अफीम की खेती पकड़ी गई है। इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने खेतों में लगे पौधों पर असामान्य फूल देखकर संदेह जताया और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में ही यह पुष्टि हो गई कि खेतों में लगे पौधे अफीम के हैं। इसके बाद टीम ने गांव के अलग-अलग हिस्सों में जांच का दायरा बढ़ाया, जहां तीन किसानों के खेतों में अफीम की खेती की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान सामने आया कि एक किसान के लगभग 10 डिसमिल खेत में, जबकि अन्य दो किसानों के खेतों में भी छोटे-छोटे हिस्सों में अफीम की फसल उगाई जा रही थी। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस खेती के पीछे किसानों का उद्देश्य क्या था और क्या इसमें किसी संगठित गिरोह या बाहरी नेटवर्क की संलिप्तता है।
फिलहाल पुलिस ने मौके पर मौजूद अफीम की फसल को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित किसानों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही राजस्व और कृषि विभाग की टीम भी स्थिति का आकलन करने में जुटी हुई है। उल्लेखनीय है कि भारत में बिना सरकारी अनुमति के अफीम की खेती पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके लिए सख्त कानूनी प्रावधान हैं।
