रायपुर: रायपुर पुलिस ने शनिवार तड़के एक बड़े और गुप्त अभियान को अंजाम दिया। करीब 100 पुलिसकर्मियों की टीम सुबह 5 बजे शहर के अलग-अलग इलाकों में फैल गई और घर-घर दस्तक देकर संदिग्धों की जांच शुरू कर दी।
यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि जिन इलाकों में रेड हुई, वहां के लोग नींद से जागते ही पुलिस के सवालों का सामना करने लगे। कई जगह लोग खिड़कियों से झांकते दिखे, तो कहीं गलियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
क्यों चला यह अभियान?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई “क्राइम प्रिवेंशन ड्राइव” का हिस्सा थी। हाल के दिनों में रायपुर में चोरी, जुआ, अवैध गतिविधियों और छोटे-मोटे अपराध की घटनाओं में इजाफा हुआ था। इसके चलते पुलिस ने संदिग्धों और इतिहासशीटरों पर नकेल कसने के लिए यह रेड अभियान चलाया।
रेड कैसे की गई?
अभियान की तैयारी गुप्त रखी गई थी। अलग-अलग थानों के जवानों को सुबह 4 बजे तक पुलिस लाइन में ब्रीफिंग दी गई। इसके बाद टीमें बनाकर उन्हें अलग-अलग इलाकों में भेजा गया।
करीब 100 पुलिसकर्मी इसमें शामिल रहे।
टीम ने डोर-टू-डोर तलाशी लेकर 20 संदिग्धों को पकड़ा, जिनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की गई।
कार्रवाई का नतीजा
पुलिस ने 20 ऐसे आरोपियों को चिन्हित किया है, जिन पर पहले भी केस दर्ज रहे हैं। इनके खिलाफ 151, 107, 116 जैसी प्रतिबंधात्मक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कई लोगों को पूछताछ के लिए थाने भी ले जाया गया है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है।
लोगों की प्रतिक्रिया
जिन इलाकों में पुलिस पहुंची, वहां लोग हैरान रह गए। कई लोगों ने कहा कि “सुबह-सुबह पुलिस की दस्तक से डर तो लगा, लेकिन अच्छा हुआ कि संदिग्धों पर सख्ती की जा रही है।” कुछ लोगों ने इसे चुनावी साल में सख्ती दिखाने की पहल भी बताया।
आगे की रणनीति
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान एक बार की कार्रवाई नहीं है। आने वाले समय में भी रायपुर और आसपास के जिलों में इसी तरह की अचानक रेड की जाएगी। उद्देश्य है कि अपराधियों में डर बना रहे और शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत हो।
