अहमदाबाद: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 23 वर्षीय सीरियाई नागरिक अली मेघात अल-अज़हार को हिरासत में लिया है। होटल से हुई इस गिरफ्तारी के दौरान उसके शरीर पर गोलियों के निशान साफ दिखाई दिए। पुलिस को शक है कि युवक का संबंध पहले किसी हिंसक वारदात या संघर्ष क्षेत्र से रहा हो।
गाज़ा का हवाला देकर ठगी
अली और उसके तीन साथी—अहमद अलहबाश, ज़कारिया अलज़हार और यूसुफ अलज़हार—ने मस्जिदों में गाज़ा युद्ध पीड़ितों की तस्वीरें और वीडियो दिखाकर लोगों से दान लिया। लेकिन राहत कार्यों में लगाने के बजाय इस रकम से लग्जरी होटल, महंगी गाड़ियां और आलीशान लाइफस्टाइल जी रहे थे।
नकदी और डॉलर मिले
गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने उसके पास से $3,600 (करीब 3 लाख रुपए) और 25 हजार रुपए नकद बरामद किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फंड का बड़ा हिस्सा निजी खर्च पर उड़ाया गया और गाज़ा भेजे जाने का कोई सबूत नहीं मिला।
जांच एजेंसियां सक्रिय
तीनों साथी अभी भी फरार हैं। गुजरात ATS और NIA इस केस में जुड़ चुकी हैं। पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है और यह भी जांच रही है कि कहीं ये युवक आतंकी संगठनों से तो नहीं जुड़े हैं।
वीजा उल्लंघन और देश निकाला
अली के वीज़ा नियम तोड़ने की बात भी सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग और डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
