बिलासपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार को बिलासपुर पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही शहर में सुबह से हलचल और तैयारियां दिखीं। सबसे पहले सुबह का कार्यक्रम कॉलेज छात्रों से जुड़ा था। सिम्स ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय सह-बौद्धिक शिक्षण प्रमुख दीपक विस्पुते ने महाविद्यालयीन छात्रों को संबोधित किया और संघ की विचारधारा व राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर बात की।
शाम को मुख्य कार्यक्रम—स्मारिका विमोचन
भागवत का मुख्य कार्यक्रम शाम 6:30 बजे रखा गया है। सिम्स ऑडिटोरियम में वे स्व. काशीनाथ गोरे की स्मृति में प्रकाशित स्मारिका का विमोचन करेंगे। गोरे लंबे समय तक संगठन से जुड़े रहे और समाज सेवा में सक्रिय रहे। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि रहेंगे और क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना विशेष अतिथि होंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भागवत के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी। 300 से ज्यादा पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। सिम्स ऑडिटोरियम और आसपास का इलाका सील कर दिया गया है। पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को भी दुरुस्त किया है ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई अव्यवस्था न हो।
परिवार से मुलाकात और संघ कार्यालय में विश्राम
कार्यक्रम के बाद भागवत स्व. गोरे के परिवार से मुलाकात करेंगे और उनके घर पर भोजन करेंगे। इसके बाद वे शहर के संघ कार्यालय में रात्रि विश्राम करेंगे। यह परंपरा RSS प्रमुख के हर दौरे में दिखाई देती है कि वे होटल या गेस्ट हाउस की बजाय संघ के कार्यालय में ही रुकते हैं।
दौरे का महत्व
भागवत का यह दौरा संघ के लिए संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। एक ओर वे युवाओं से सीधा संवाद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की स्मृतियों को सम्मानित कर रहे हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों ने भी इस कार्यक्रम को खास बना दिया है।
भागवत का यह प्रवास बिलासपुर के लिए सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं को प्रेरणा, संगठन को मजबूती और समाज को जुड़ाव का संदेश देने वाला साबित हो रहा है।
