रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षकों पर बड़ा अनुशासनात्मक डंडा चलाया है। अब अगर कोई शिक्षक शराब पीकर स्कूल आता है, तो उसे सिर्फ निलंबन या चेतावनी नहीं, बल्कि सीधे FIR और नौकरी से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
हालिया शिकायतों से हिली सरकार
पिछले कुछ महीनों में रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर और धमतरी जिलों से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कुछ शिक्षक नशे की हालत में स्कूल पहुंचते हैं। कई जगह अभिभावकों ने विरोध भी किया और बच्चों ने पढ़ाई में बाधा की शिकायत दर्ज कराई। इसी को देखते हुए विभाग ने कड़ा रुख अपनाने का फैसला लिया।
गाइडलाइन में क्या-क्या कहा गया?
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तुरंत मेडिकल जांच: स्कूल समय में नशे की हालत में पाए गए शिक्षक का तत्काल मेडिकल कराया जाएगा।
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FIR दर्ज: रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही संबंधित थाने में पुलिस को FIR दर्ज करने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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नौकरी से बर्खास्तगी: विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर सेवा से हटा दिया जाएगा।
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अधिकारियों की जिम्मेदारी: DEO और BEO को नियमित औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं। लापरवाही पर अफसरों की जवाबदेही भी तय होगी।
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स्कूलों में रिपोर्टिंग सिस्टम: अब प्रत्येक स्कूल में शिकायत रजिस्टर रखा जाएगा ताकि अभिभावक या छात्र अपनी शिकायत लिख सकें।
शिक्षा विभाग का बयान
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा – “शिक्षक बच्चों के लिए आदर्श होते हैं। अगर वे नशे की हालत में क्लास लेंगे तो बच्चों के मन पर गलत प्रभाव पड़ेगा। अब किसी भी हाल में ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पहले भी हुई हैं कार्रवाई
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2023-24 में बिलासपुर और कोरबा जिलों में ऐसे 8 शिक्षकों को निलंबित किया गया था।
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कुछ मामलों में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था, लेकिन अब नए आदेश के बाद सिर्फ चेतावनी का प्रावधान नहीं होगा।
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विभाग का मानना है कि पिछली ढील के कारण ही कई शिक्षक सुधरे नहीं।
नए आदेश के बाद अभिभावकों ने राहत जताई है। रायपुर के एक अभिभावक ने कहा – “बच्चों का भविष्य शिक्षकों पर निर्भर करता है। अगर वे खुद शराब पीकर स्कूल आएंगे तो बच्चों को क्या सीख देंगे। सरकार का यह कदम सही दिशा में है।”
