नई दिल्ली/मुंबई। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले आगामी क्रिकेट मैच को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और बीसीसीआई दोनों पर सवाल उठाए हैं। एक तरफ AIMIM प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने सरकार से पूछा कि “क्या पैसा 26/11 के शहीदों से बड़ा है?”, वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “अगर पाकिस्तान से इतनी ही दोस्ती करनी है तो हम सिंदूर भेजेंगे।”
औवेसी का हमला
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन औवेसी ने कहा –
“26/11 हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। पाकिस्तान की जमीन से आतंकवादी आते हैं और हमारे देश में खून बहाते हैं। सरकार बताए कि क्या क्रिकेट से होने वाला पैसा शहीदों की जान से ज्यादा कीमती है? एक ओर जवान रोज शहादत दे रहे हैं, दूसरी ओर क्रिकेट मैच के जरिए रिश्ते सामान्य दिखाने की कोशिश हो रही है।”
उद्धव गुट का तंज
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने और तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने कहा –
“प्रधानमंत्री पाकिस्तान के साथ अगर इतना ही दोस्ताना बढ़ाना चाहते हैं तो हम उन्हें सिंदूर भेजेंगे। वे वहां रिश्तेदारी कर लें, लेकिन देश की जनता और शहीदों के खून को भूलना ठीक नहीं। क्रिकेट को लेकर इतनी नर्मी क्यों दिखाई जा रही है?”
भाजपा का पलटवार
भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताया। उनका कहना है कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए। “क्रिकेट डिप्लोमेसी दुनिया भर में अपनाई जाती है। सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह मजबूत हैं। विपक्ष सिर्फ सस्ती राजनीति कर रहा है।”
-
2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज पूरी तरह बंद है।
-
दोनों देश अब सिर्फ ICC टूर्नामेंट्स और एशिया कप जैसे आयोजनों में आमने-सामने आते हैं।
-
इस बार होने वाले मुकाबले को लेकर पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट किया है।
-
बीसीसीआई का कहना है कि मैच अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का हिस्सा है, इसलिए उसे रद्द करना संभव नहीं।
मैच को लेकर आम लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग कहते हैं कि खेल और राजनीति अलग हैं और खिलाड़ियों को खेलने देना चाहिए। वहीं, दूसरी ओर कई लोग मानते हैं कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर रोक नहीं लगाता, तब तक क्रिकेट जैसे आयोजनों का कोई मतलब नहीं।
