प्रकृति का प्रकोप कभी भी और कहीं भी आ सकता है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सोमवार को ऐसी ही एक भयावह घटना घटी जब आकाशीय बिजली गिरने से सात लोग इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं।
घटना उस समय हुई जब ग्रामीण “महतारी वंदन योजना” के तहत मिल रही राशि की जानकारी लेने के लिए ग्राम पंचायत सचिव से मिलने गए थे। सचिव पेड़ के नीचे मोबाइल और अन्य दस्तावेज अपडेट कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गिर गई और लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घायल चार लोगों को कोरिया जिले के सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, वहीं दोनों बच्चों का इलाज भी वहीं किया जा रहा है। मृतक युवक की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से मदद की मांग की है।
इसी बीच मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कोंडागांव को छोड़कर बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने लोगों को सचेत रहने और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की अपील की है
पिछले 24 घंटों में रायपुर और रायगढ़ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बलरामपुर जिले में सबसे अधिक और बेमेतरा में सबसे कम बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 17 सितंबर से मौसम की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आएगी।
यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी दोनों ज़रूरी हैं। खुले स्थानों, पेड़ों या खेतों में बारिश के दौरान खड़े होने से बचना चाहिए और मोबाइल का इस्तेमाल भी ऐसे समय पर नहीं करना चाहिए। समय रहते सावधानी बरती जाए तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
