इस्लामाबाद: पाकिस्तान एयरफोर्स ने खैबर पख्तूनख्वा की तिराह वैली में एयरस्ट्राइक की। दावा किया गया कि यहां तालिबान आतंकी बम बनाने की फैक्ट्री चला रहे थे। लेकिन इस हमले में आम लोग मारे गए।
30 लोगों की मौत, गांव में मातम
बमबारी में कम से कम 30 नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। गांव के कई घर पूरी तरह तबाह हो गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि निर्दोषों को निशाना बना दिया गया।
सेना का बचाव
पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि यहां दो बड़े तालिबान कमांडर – अमन गुल और मासूद खान – मौजूद थे और यही बम बनाने का काम कर रहे थे। सेना का तर्क है कि यह कार्रवाई आतंकवाद रोकने के लिए ज़रूरी थी।
नागरिकों का आरोप
गांववालों का आरोप है कि बिना पुख्ता खुफिया जानकारी के हमला कर दिया गया। कई किसान, बुजुर्ग और बच्चों की लाशें मलबे से निकाली गईं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें और वीडियो इस त्रासदी को और उजागर कर रहे हैं।
राजनीतिक हलचल और आलोचना
स्थानीय नेताओं और विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि निर्दोषों की मौत पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए।
वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और नागरिक सुरक्षा के खिलाफ बताया है।
पड़ोसी मुल्कों की चिंता
अफगानिस्तान और क्षेत्रीय देशों में इस हमले की खबर से चिंता जताई जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में सेना के खिलाफ गुस्सा और बढ़ सकता है।
