रायपुर. राजधानी रायपुर के भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (एसीआई) में डॉक्टरों ने असंभव लग रहे मामले को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीज की जिंदगी बचा ली। मध्यप्रदेश के रहने वाले एक मरीज की दिल की चारों धमनियां 100% ब्लॉक थीं। कई बड़े निजी अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया था, क्योंकि मामला बेहद जटिल था।
हालांकि, एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने चुनौती स्वीकार की और लगातार घंटों की मशक्कत के बाद सफल एंजियोप्लास्टी की। अब मरीज स्वस्थ है और उसे नई जिंदगी मिली है।
क्या था मामला
मरीज को कई निजी अस्पतालों ने यह कहकर लौटाया कि सर्जरी में जान का खतरा है।
अंबेडकर अस्पताल की टीम ने आधुनिक तकनीक और अनुभव के दम पर नसों को खोला।
डॉक्टरों का कहना है कि यह केस बेहद जोखिम भरा था, लेकिन टीमवर्क और सही समय पर इलाज से सफलता मिली। इस सफलता ने यह साबित किया कि सरकारी अस्पताल भी उच्चस्तरीय और जटिल उपचार देने में सक्षम हैं।
डॉक्टरों का कहना
कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि – “चारों नसें 100% ब्लॉक होने की स्थिति में मरीज को संभालना बेहद मुश्किल होता है। यह एक रेयर केस था। लेकिन सही तकनीक और निरंतर मॉनिटरिंग से हम सफल रहे।”
