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June 5, 2026
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छत्तीसगढ़

टी.एस. सिंहदेव के बयान से सियासी भूचाल: कांग्रेस में नेतृत्व पर नई चर्चा, भाजपा ने तंज कसा

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंहदेव के ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। बिलासपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर उनके मन में कोई व्यक्तिगत लालसा नहीं है, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि राज्य का नेतृत्व करना गर्व की बात समझेगा। उन्होंने साफ कहा—“मैं कभी नहीं कहूंगा कि मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है, ऐसा कौन कहेगा?”

सिंहदेव ने आगे जोड़ा कि मुख्यमंत्री पद का फैसला पूरी तरह से पार्टी संगठन पर निर्भर करता है और वे हमेशा पार्टी के निर्णय को सर्वोपरि मानते आए हैं। इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर कई तरह के संकेतों पर चर्चा शुरू हो गई है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने इस बयान को एक स्वाभाविक लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने की इच्छा हर जनप्रतिनिधि में होती है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन इस पर अभी चर्चा करना जल्दबाजी होगी क्योंकि यह मुद्दा तीन साल बाद का है। जांगिड़ ने साफ कहा कि फिलहाल कांग्रेस का फोकस संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी पर है।

दूसरी ओर, भाजपा ने सिंहदेव के बयान को राजनीतिक महत्वाकांक्षा बताकर तंज कसा। भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कहा कि “ढाई-ढाई साल” का बुखार अभी उतरा नहीं है जबकि अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है। उन्होंने टिप्पणी की कि सिंहदेव को अब कम से कम 15-20 साल तक मुख्यमंत्री पद की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हालांकि, सोनी ने सिंहदेव की सादगी और जनसंपर्क की तारीफ भी की और कहा कि वह एक लोकप्रिय नेता हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2018 में कांग्रेस की जीत के बाद भी सिंहदेव का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुख दावेदारों में था। उस समय “ढाई-ढाई साल” का फॉर्मूला मीडिया में खूब चर्चा में रहा, लेकिन पार्टी ने अंततः अपने फैसले के अनुसार नेतृत्व तय किया। सिंहदेव ने भी उस समय संगठन के निर्णय को स्वीकार किया था।

सिंहदेव का यह बयान न केवल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व पर चर्चा को हवा दे रहा है, बल्कि भाजपा के लिए भी राजनीतिक हमले का एक मौका बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बयान प्रदेश की राजनीति में क्या नया मोड़ लाता है।

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