छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों ने एक बड़ी कार्रवाई के तहत मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला लिया। रविवार को कुल 21 नक्सलियों ने जंगल से निकलकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें कई बड़े पदों पर सक्रिय कैडर शामिल थे, जो नॉर्थ सब जोनल ब्यूरो में लंबे समय से हिंसक गतिविधियों में संलिप्त थे। आत्मसमर्पण करने वालों में DVCM, ACM जैसे वरिष्ठ कैडर भी शामिल हैं।
नक्सलियों ने सरेंडर के समय अपने साथ 18 ऑटोमेटिक हथियार — जिनमें AK-47, INSAS rifle और SLR rifle जैसी राइफलें थीं — भी पुलिस को सौंप दीं। इस कदम से उत्तर बस्तर डिवीजन के इंद्रावती एरिया कमेटी में नक्सलियों का दबदबा लगभग खत्म हो गया है।
इससे पहले भी अक्टूबर माह में बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। पिछले 15 दिनों में बस्तर और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरोली इलाके में कुल 292 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें कई नक्सली नेता और सक्रिय सदस्य शामिल हैं।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि यह आत्मसमर्पण अभियान नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और विकास योजनाओं के कारण नक्सली अब हथियार छोड़कर समाज में लौटने को तैयार हो रहे हैं। सरकार ने आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास योजना का लाभ देने की घोषणा की है। इससे इलाके में शांति बहाल होने की उम्मीद है।
