April 19, 2026
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दिल्ली धमाके के बाद छत्तीसगढ़ अलर्ट मोड पर: रेलवे स्टेशन, मॉल, बस स्टैंड और सोशल मीडिया तक कड़ी निगरानी शुरू

रायपुर | दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट के बाद छत्तीसगढ़ में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क मोड में आ गई हैं। राजधानी रायपुर सहित पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, मॉल, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में चेकिंग तेज कर दी है।

राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन और पंडरी बस स्टैंड पर सोमवार देर रात तक पुलिस ने बैग, कार और ऑटो की जांच की। वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलने से रोकी जा सके।

पुलिस-प्रशासन अलर्ट, हर जिले में बढ़ाई गई पेट्रोलिंग

छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय से सभी जिलों के एसपी को निर्देश जारी किए गए हैं कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा और राजनांदगांव जैसे शहरों में फुट पेट्रोलिंग और नाइट चेकिंग शुरू कर दी गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे खुद मैदान में उतरकर सुरक्षा स्थिति की निगरानी करें। वहीं, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी को भी अलर्ट पर रखा गया है।

सोशल मीडिया पर नजर: अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

राज्य साइबर सेल ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी है। फेसबुक, एक्स (Twitter) और इंस्टाग्राम पर धमाके से जुड़ी भ्रामक पोस्टों पर नज़र रखी जा रही है।

अफवाह या गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा घेरा मजबूत

रायपुर रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बड़ा तालाब इलाके में पुलिस की विशेष तैनाती। बस अड्डों और मॉल के प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर से जांच। नक्सल प्रभावित जिलों में भी गश्त बढ़ाई गई ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

जनता से अपील: संदिग्ध दिखे तो तुरंत दें सूचना

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर दें। लोगों से यह भी कहा गया है कि अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें शेयर करें।

क्यों सख्त हुआ छत्तीसगढ़?

दिल्ली के लाल किले के पास धमाका देश की राजधानी में बड़ा सुरक्षा उल्लंघन माना जा रहा है। चूंकि छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों के साथ-साथ कई औद्योगिक और धार्मिक स्थल हैं, इसलिए राज्य सरकार ने “पहले से सुरक्षा सुनिश्चित करने” की नीति अपनाई है।

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