रायपुर में अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजनों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। 10 नवंबर की रात कलक्ट्रेट परिसर के बाहर अनुकंपा नियुक्ति संघ की महिलाएं धरने पर बैठ गईं। देर रात करीब 11 बजे शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन रातभर चलता रहा। धरने में शामिल महिलाएं उन शिक्षाकर्मियों के परिवार की सदस्य हैं, जिन्होंने अपनी सेवाएं शिक्षा विभाग को दीं, लेकिन अब उनके परिजन लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
धरने पर बैठीं महिलाओं ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन सरकार बनने के महीनों बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों में गहरी निराशा और रोष है।
अक्टूबर महीने में अनुकंपा नियुक्ति संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने उस समय जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक वादा अधूरा ही रह गया है।
संघ का कहना है कि प्रदेशभर में करीब 1200 दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार इस नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
महिलाओं का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ नौकरी की मांग नहीं, बल्कि उन परिवारों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है जिन्होंने अपने प्रियजनों को सेवा के दौरान खो दिया।
