29.1 C
Raipur
September 9, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

घटिया दवाओं पर सरकार का प्रहार! छत्तीसगढ़ ने दो कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट, लैब टेस्ट में खुली पोल

छत्तीसगढ़ सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने का सख्त संदेश दिया है। मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवा आपूर्ति में लापरवाही करने वाली दो कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। प्रयोगशाला परीक्षणों में तीन दवाएं मानक पर खरी नहीं उतरीं, जिसके बाद दोनों कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गईं।

जांच में सामने आया कि मेसर्स एजी पैरेंटरल्स, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा सप्लाई की गई कैल्शियम विद विटामिन D3 टैबलेट्स और ऑर्निडाजोल टैबलेट्स अमानक गुणवत्ता की थीं। वहीं, मेसर्स डिवाइन लेबोरेट्रीज प्रा. लि., वडोदरा (गुजरात)* की हेपारिन सोडियम इंजेक्शन भी लैब टेस्ट में फेल पाई गई। इन दवाओं की जांच NABL मान्यता प्राप्त सरकारी प्रयोगशालाओं और सेंट्रल ड्रग्स लैब (CDL), कोलकाता में की गई थी।

CGMSC ने तुरंत प्रभाव से इन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जब तक यह अवधि पूरी नहीं होती, तब तक वे किसी भी नई निविदा में भाग नहीं ले पाएंगी। संस्था ने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता पर “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” लागू है, और किसी भी गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

CGMSC की गुणवत्ता नीति के तहत हर दवा बैच की कड़ी निगरानी, बार-बार परीक्षण और मानक से विचलन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था है। यह सभी कदम ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और रूल्स 1945 के प्रावधानों के तहत उठाए गए हैं, ताकि केवल सुरक्षित और प्रभावी दवाएं ही मरीजों तक पहुंचें।

Related posts

“कांवर यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सीएम साय ने किया रुद्राभिषेक”

admin

नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका: हिड़मा का करीबी देवा बारसे तेलंगाना में सरेंडर, विदेशी हथियार और नकदी सौंपी

admin

संविधान के ‘मंदिर’ में पहुंचे 120 सरेंडर नक्सली, कहा– कभी भरोसा नहीं था, अब लोकतंत्र की ताकत देखी

admin

Leave a Comment