बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर एक और मामला सामने आने के बाद माहौल गरमाया हुआ है। सरकंडा थाना क्षेत्र की बसंत विहार कॉलोनी में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर विवाद उस समय बढ़ गया, जब हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी।
बताया जा रहा है कि प्रार्थना सभा SECL कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में आयोजित की गई थी, जहां महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की मौजूदगी थी। आरोप है कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक बातें कही जा रही थीं और लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसाया जा रहा था। इसको लेकर कार्यकर्ताओं ने घर के बाहर नारेबाजी की और मौके से कुछ धार्मिक पुस्तकें व प्रचार सामग्री मिलने का दावा किया।
विवाद बढ़ने पर हिंदू संगठनों ने सरकंडा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि शहर में किसी भी तरह की अवैध धर्मांतरण गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जहां भी ऐसी सूचनाएं मिलेंगी, विरोध किया जाएगा।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर SECL कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है और धार्मिक साहित्य समेत अन्य सामग्रियों की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी प्रदीप आर्या ने कहा कि मामले में सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के अनुसार कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
