बिलासपुर 16 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार को एक जनहित याचिका पर अहम सुनवाई हुई। इस याचिका में प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा छात्रों से मनमानी और अवैध तरीके से फीस वसूलने का मुद्दा उठाया गया। मेडिकल छात्रा प्रतीक्षा जांगड़े ने यह याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कई कॉलेज हॉस्टल और ट्रांसपोर्ट सुविधा का उपयोग न करने वाले छात्रों से भी इन सेवाओं की पूरी फीस वसूलते हैं।
छात्रा का कहना है कि यह प्रथा पूरी तरह अवैध है, क्योंकि कॉलेज वास्तविक सेवाएं उपलब्ध ही नहीं कराते। कई छात्र प्रतिदिन अपने घरों से कॉलेज आते-जाते हैं और हॉस्टल में नहीं रहते, लेकिन फिर भी उन्हें हॉस्टल व ट्रांसपोर्ट शुल्क चुकाना पड़ता है। यह स्थिति फीस रेगुलेटरी कमेटी द्वारा बनाए गए नियमों का उल्लंघन है और छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने इस मामले को गंभीरता से लिया और प्रदेश के सभी निजी मेडिकल कॉलेजों को नोटिस जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों द्वारा किसी भी प्रकार की मनमानी वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
