July 23, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ की शुरुआत, मुख्यधारा में लौटे युवाओं के पुनर्वास का बना मजबूत मॉडल

बस्तर ज़िले के जगदलपुर में सोमवार को ‘पंडुम कैफ़े’ की शुरुआत की गई, जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बताया। अधिकारियों के अनुसार ‘पंडुम’ का अर्थ गोंड़ी भाषा में त्यौहार या उत्सव होता है, जो इस पहल को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ता है।

प्रशासन ने बताया कि यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं के पुनर्वास के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। कैफ़े में कार्यरत लोगों को आतिथ्य सेवाएं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानक, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

एक महिला कर्मचारी भावुक होकर बोली कि इस पहल से उन्हें जीवन में नया आत्मविश्वास मिला है। वहीं एक पूर्व माओवादी ने कहा कि पहले वे अंधेरे में थे, लेकिन अब समाज की सेवा करने का अवसर मिला है—यह उनके लिए “नया जन्म” जैसा है। एक अन्य सदस्य ने बताया कि पहले परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख पाते थे, लेकिन अब मेहनत की कमाई से भविष्य संवार सकते हैं।

अधिकारियों के अनुसार ‘पंडुम कैफ़े’ पुलिस लाइन परिसर में संचालित होगा और यह बस्तर के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने इसे सरकार की समर्पण और पुनर्वास नीति का प्रेरणादायक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल उन युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है, जो कभी संघर्ष में थे और अब समाज निर्माण में योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कैफ़े नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है और क्षेत्र में आशा, प्रगति तथा शांति का उज्ज्वल संदेश देता है।

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