छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में नया ठगी पैटर्न शुरू कर दिया है। ठग खुद को निर्वाचन कर्मचारी बताकर मतदाताओं को फोन करते हैं और SIR फ़ॉर्म भरने के नाम पर OTP मांगते हैं। OTP न देने पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने की धमकी तक दी जाती है। कई लोग अपना नाम न कटने के डर से OTP साझा कर देते हैं, जिससे उनके बैंक खातों से पैसे कट जाते हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग का कोई भी कर्मचारी फोन पर OTP नहीं मांगता। यदि कोई व्यक्ति OTP या निजी जानकारी मांगने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत मना कर दें और नजदीकी थाने में शिकायत करें। आयोग ने हेल्पलाइन नंबर 1950 और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म @CEOChhattisgarh पर भी शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मतदाता सूची अपडेट या SIR से जुड़ी सभी सूचनाएं केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाती हैं। किसी भी कॉलर को OTP न दें और न ही व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।
आधिकारिक डेटा के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2025 के बीच छत्तीसगढ़ में 67,389 लोग ठगी का शिकार हुए और 791 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी दर्ज की गई। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। इस वजह से आयोग ने मतदाताओं को जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की शिकायत तुरंत दर्ज कराने की सलाह दी है।
