छत्तीसगढ़ में चल रहे SIR (Special Summary Revision) सर्वे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने सर्वे में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। पार्टी ने दावा किया है कि कई जिलों में BLO निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर नहीं पहुंच रहे, जिसके कारण मतदान सूची के सत्यापन में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
बीजेपी की चुनाव आयोग संपर्क समिति का कहना है कि राज्य के कई हिस्सों में सर्वे के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। समिति के अनुसार, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) को पहचान पत्र अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए, जबकि यह प्रक्रिया सर्वे शुरू होने से पहले पूरी की जानी थी।
पार्टी ने आरोप लगाया कि BLO को घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन करने का निर्देश है, लेकिन 16 दिन बीत जाने के बाद भी कई क्षेत्रों में BLO केवल एक ही स्थान पर बैठकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं, जिससे नए मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ने में बाधा आ रही है।
इसी बीच, पुरानी बस्ती क्षेत्र में कुछ दिन पहले BLO और भाजपा पार्षद के बीच विवाद के बाद मामला और गरमाया था। महिला BLO ने पार्षद पर धमकाने का आरोप लगाया था, जिस पर कांग्रेस ने FIR की मांग की थी। इसके जवाब में बीजेपी ने BLO के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा की ताज़ा शिकायत के बाद यह मुद्दा फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने बताया है कि 4 नवंबर से चल रहे SIR सर्वे में अब तक 99% पंजीकृत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुँच चुका है, और फॉर्मों का डिजिटलीकरण तेज़ी से जारी है। 18 नवंबर की शाम तक 27 लाख फॉर्म डिजिटलाइज किए जा चुके हैं।
मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने voters.eci.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प उपलब्ध कराया है। साथ ही, किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1950 जारी है।जिला स्तर पर बनाए गए हेल्प डेस्कों पर स्वयंसेवक और राजनीतिक दलों के BLA मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं।सभी जिलों में DEO, ERO, AERO और नगर निगम आयुक्त सर्वे की मॉनिटरिंग स्वयं कर रहे हैं, ताकि पूरे अभियान को पूरी तरह पारदर्शी रखा जा सके।
