September 4, 2026
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प्रकाशोत्सव पर भिलाई में निकली भव्य पालकी यात्रा, स्वच्छता-सेवा और भाईचारे का दिया संदेश

सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में भिलाई शहर में रविवार को भव्य पालकी यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन में सिख समाज के साथ-साथ अन्य समाजों और धर्मों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। यात्रा ने न केवल श्रद्धा और आस्था का वातावरण बनाया, बल्कि स्वच्छता, सेवा और आपसी भाईचारे का सशक्त संदेश भी दिया।

पालकी यात्रा को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालु कतारबद्ध होकर खड़े रहे और जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पालकी यात्रा का अभिनंदन किया, जिससे पूरे मार्ग में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। आयोजन को लेकर सिख समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इस यात्रा की एक उल्लेखनीय विशेषता इसके साथ चल रहा स्वच्छता अभियान रहा। यात्रा के पीछे एक विशेष सफाई टीम लगातार सड़क पर पड़े कचरे को साफ करती चल रही थी। इस अभियान में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिन्होंने हाथों में झाड़ू और डस्टबिन लेकर लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया। यह दृश्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना और स्वच्छता के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

प्रकाशोत्सव के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें कीर्तन दरबार, गुरुओं के जीवन पर आधारित कथाएं, अरदास और विशेष दीवान शामिल रहे। बड़ी संख्या में संगत ने गुरुद्वारा पहुंचकर माथा टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। जगह-जगह लंगर और शरबत का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के प्रसाद ग्रहण किया।

पालकी यात्रा दोपहर 12 बजे सुपेला स्थित घड़ी चौक से प्रारंभ हुई। यह यात्रा पावर हाउस, सेक्टर-1 चौक और सेंट्रल एवेन्यू होते हुए सेक्टर-6 स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरबाणी का गायन करते हुए चल रहे थे और गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र व धर्म की रक्षा के लिए दिए गए बलिदानों को स्मरण कर रहे थे। इस दौरान सिख समाज के युवाओं ने गतका और तलवारबाजी का प्रदर्शन कर लोगों को आकर्षित किया।

आयोजकों ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन साहस, त्याग, समानता और मानवता की रक्षा का प्रतीक है। उनके प्रकाशोत्सव के माध्यम से समाज में भाईचारा, सेवा, अनुशासन और स्वच्छता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। भिलाई में आयोजित यह पालकी यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक चेतना का भी सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई।

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