छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होने के बाद अब इसका दूसरा चरण शुरू हो चुका है। इस चरण में उन मतदाताओं की दावे और आपत्तियों की सुनवाई की जा रही है, जिनका नाम किसी कारणवश प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका था। ऐसे मतदाता अब नगर निगम कार्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर रहे हैं, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 12 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में दर्ज नहीं पाए गए थे। इन सभी मतदाताओं को संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद सोमवार से दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है।
सुनवाई का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम परिसर में टोकन सिस्टम लागू किया गया है, जिससे मतदाता अपनी बारी आने पर पीठासीन अधिकारी के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें। पहले ही दिन नगर निगम में भारी भीड़ देखने को मिली, जहां बड़ी संख्या में सी कैटेगरी के मतदाता आवश्यक कागजात लेकर पहुंचे।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कई मतदाता बिना किसी दस्तावेज के ही नगर निगम पहुंच गए। कुछ मामलों में मतदाताओं के माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं पाया गया, जिसके कारण संबंधित मतदाताओं को दोबारा दस्तावेज लाने का अवसर दिया गया है।
सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के पास फिलहाल आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा। रायगढ़ शहर को सात एईआरओ क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, ताकि प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
