मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी दो कैबिनेट बैठकों तक सभी मंत्री ई-कैबिनेट प्रणाली के तहत कार्य करेंगे। इसके लिए मंत्रियों को टैबलेट प्रदान किए गए हैं और उन्हें डिजिटल कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और काग़ज़-मुक्त बनाना है।
बैठक में ग्रामीण विकास को केंद्र में रखते हुए कई अहम योजनाओं को स्वीकृति दी गई। राज्य की ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन पर विशेष फोकस किया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और पीएम जनमन योजना को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया, जिससे दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। 11 जनवरी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 9 विभागों से संबंधित एक विशेष कैलेंडर जारी किया जाएगा, जो आगामी कार्ययोजनाओं की दिशा तय करेगा।
कैबिनेट ने बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील में मध्यम सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी है, जिसकी लागत 922 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना से 42 गांवों की लगभग 17,700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे करीब 11,800 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, नेपानगर तहसील की नाथा वृहत सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत 1,676 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना से 90 गांवों की 34,100 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 22,600 किसान परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
पीएम जनमन योजना की निरंतरता को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी, जिस पर लगभग 795 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अंतर्गत 1,039 किलोमीटर सड़कों और 112 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। यह योजना विशेष रूप से बैगा, भारिया और सहरिया जैसी जनजातियों के लिए लाभकारी होगी, जो 22 जिलों में निवास करती हैं।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस योजना पर 17,196 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय प्रस्तावित है, जिसमें 20 हजार किलोमीटर सड़कों और 1,200 पुलों का निर्माण शामिल है। वहीं, पहले से निर्मित ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के लिए भी एक बड़ी योजना को हरी झंडी दी गई है, जिसके तहत 88,517 किलोमीटर मार्गों का उन्नयन किया जाएगा।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये निर्णय न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम हैं, बल्कि ग्रामीण अधोसंरचना, सिंचाई सुविधा और सड़क नेटवर्क को मजबूत कर राज्य के समग्र विकास को नई गति देने वाले साबित होंगे।
