July 23, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

इंदौर हादसे के बाद सतर्क हुआ रायपुर निगम: जल बोर्ड गठन से लेकर नो-फ्लेक्स जोन तक MIC की बैठक में लिए गए 10 अहम फैसले

इंदौर में हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे के बाद रायपुर नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। शहर की सुरक्षा, स्वच्छता, जल आपूर्ति, यातायात व्यवस्था और राजस्व बढ़ाने को लेकर महापौर की अध्यक्षता में हुई मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की महत्वपूर्ण बैठक में शहर के विकास से जुड़े 10 बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। बैठक में आयुक्त सहित MIC सदस्य और वरिष्ठ निगम अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य रायपुर शहर में भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति रोकना, अव्यवस्था पर नियंत्रण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना रहा। इसी क्रम में जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अलग जल बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया। शहर के तेजी से विस्तार और बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए यह निर्णय अहम माना जा रहा है। जल बोर्ड बनने से जल वितरण, पाइपलाइन विस्तार और जल गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रायपुर के 6 प्रमुख मार्गों को ‘नो-फ्लेक्स जोन’ घोषित किया गया है। इन मार्गों पर अब अवैध फ्लेक्स, बैनर और पोस्टर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगेगा और हटाने का खर्च भी संबंधित विज्ञापनदाता से वसूला जाएगा। इन क्षेत्रों की जिम्मेदारी संबंधित जोन आयुक्तों को सौंपी गई है, जबकि केवल शासकीय विज्ञापनों को ही छूट दी गई है।

बैठक में ड्रोन आधारित प्रॉपर्टी टैक्स मैपिंग को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत शहर की संपत्तियों का डिजिटल सर्वे किया जाएगा, जिस पर लगभग 5.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, टैक्स चोरी रुकेगी और नगर निगम के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

रायपुर विकास योजना के अंतर्गत शहर के 18 प्रमुख रोड जंक्शनों के विकास को भी हरी झंडी दी गई है, जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे ट्रैफिक जाम में कमी, दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और नागरिकों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। जंक्शनों के सौंदर्यीकरण से शहर की छवि भी बेहतर होगी।

वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर 15वें वित्त आयोग के तहत शहर और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में बीटी टॉपिंग, सड़क चौड़ीकरण, पैच रिपेयर और ड्रेनेज कार्यों के लिए करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत स्कूल के सामने से हटाए गए 69 दुकानदारों को क्रिस्टल आर्केड के सामने व्यवस्थित दुकानें बनाकर बसाने का निर्णय लिया गया है। दुकान निर्माण पूर्ण होने के बाद जिला आबंटन समिति के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जाएगा।

जलभराव की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में पाइप लाइन पुशिंग और नाला निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। वॉर्ड 66, वॉर्ड 51 सहित कई इलाकों में वर्षों से चली आ रही जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का दावा निगम प्रशासन ने किया है।

कुल मिलाकर, MIC बैठक में लिए गए ये फैसले रायपुर शहर को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी योजनाओं पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके।

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