रायपुर जिले के धरसींवा क्षेत्र स्थित एक ट्रक डीलरशिप में लंबे समय से चल रही आर्थिक अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ट्रक कारोबार से जुड़ी प्रतिष्ठित फर्म रामा मोटोकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत रहे पूर्व मैनेजर पर करीब 70 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब उजागर हुआ, जब कंपनी प्रबंधन ने अपने खातों का ऑडिट कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पूर्व मैनेजर मुनिर अहमद ने वर्ष 2020 से 2025 के बीच पार्ट्स और अन्य उपकरणों की बिलिंग में गड़बड़ी कर लगातार फर्म को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि फर्म से निकलने वाले उपकरणों और पार्ट्स की सही एंट्री न कर, फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाए गए, जिससे बड़ी रकम का गबन किया गया।
कंपनी के जनरल मैनेजर द्वारा जब नियमित ऑडिट कराया गया, तब हिसाब-किताब में भारी अंतर सामने आया। ऑडिट रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होते ही प्रबंधन ने मामले की जानकारी डायरेक्टर को दी। इसके बाद आरोपी पूर्व मैनेजर ने कार्यालय आना बंद कर दिया, जिससे संदेह और गहरा गया।
मामला सामने आने के बाद कंपनी प्रबंधन ने खमतराई थाना पहुंचकर पूर्व मैनेजर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। विवेचना अधिकारी रिकॉर्ड, बिलिंग दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला शहर के व्यापारिक जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे ट्रक डीलरशिप से जुड़ा बड़ा आर्थिक घोटाला माना जा रहा है।
