छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ोगोबरा गांव के पास सातमारी पहाड़ी इलाके में छिपाकर रखे गए हथियारों के जखीरे को जवानों ने खोज निकाला। यह कार्रवाई जिला पुलिस बल की ई-30 ऑप्स टीम द्वारा विश्वसनीय सूचना के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से की गई। दुर्गम और घने पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा डंप कर रखे गए आधुनिक हथियार बरामद किए, जिसे नक्सल गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
बरामद हथियारों में दो एसएलआर रायफल, एक इंसास रायफल और एक 12 बोर बंदूक शामिल है। इसके अलावा मैगजीन और कारतूस भी मौके से जब्त किए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन हथियारों की मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। समय रहते सुरक्षाबलों की सतर्कता और सक्रियता के कारण संभावित खतरे को टाल दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों का यह जखीरा नक्सल संगठन के उच्च स्तर के नेतृत्व द्वारा छिपाकर रखा गया था, जिससे अंतरराज्यीय नेटवर्क की सक्रियता के संकेत मिलते हैं। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं तथा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं। इस सफलता से जहां स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, वहीं नक्सलियों की गतिविधियों पर भी बड़ा मनोवैज्ञानिक दबाव बना है। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
