छत्तीसगढ़ राज्योत्सव हर वर्ष 1 नवंबर को प्रदेश की स्थापना की खुशी में मनाया जाता है। यह दिन छत्तीसगढ़ की पहचान और गौरव का प्रतीक है। इस साल राज्य अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसे और भव्य बनाने के लिए सरकार ने विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। पहले तीन दिनों तक चलने वाला यह उत्सव अब पांच दिनों (1 से 5 नवंबर) तक आयोजित होगा। राजधानी नवा रायपुर में इसका मुख्य आयोजन होगा।
कार्यक्रम के उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे और समापन में उपराष्ट्रपति मौजूद रहेंगे। पीएम 31 अक्टूबर की शाम रायपुर पहुंचेंगे और 1 नवंबर को राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। सरकार ने इस बार के आयोजन को सिर्फ सांस्कृतिक नहीं, बल्कि विकास और नई पहचान से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
पहली बार राज्योत्सव में एयर शो:
राज्य के इतिहास में पहली बार भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम एयर शो का प्रदर्शन करेगी। यह शो 5 नवंबर की सुबह सेठ तालाब के ऊपर होगा। करीब 40 मिनट चलने वाले इस शानदार कार्यक्रम में 9 फाइटर जेट्स एक साथ आसमान में फ्लाइंग फॉर्मेशन और एरोबेटिक स्टंट्स दिखाएंगे। यह प्रदर्शन राज्य के 25वें स्थापना दिवस को और खास बनाएगा।
आवास योजना के तहत गृह प्रवेश:
राज्योत्सव के दौरान लाखों परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों की सौगात दी जाएगी। गृह प्रवेश कार्यक्रम को इस आयोजन में विशेष स्थान दिया गया है। राज्य सरकार ने इसे प्रदेशवासियों के लिए ‘नई शुरुआत का उत्सव’ बताया है।
देश के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन:
राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के लिए इस बार देश का पहला आदिवासी डिजिटल संग्रहालय भी शुरू होगा। प्रधानमंत्री अटल नगर में बने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। इस संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के 16 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों की डिजिटल झलक प्रस्तुत की जाएगी।
यहां वीर नारायण सिंह, सोनाखान विद्रोह और भूमकाल आंदोलन जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिखाया जाएगा। साथ ही सरगुजा की नक्काशी, 1400 साल पुराने वृक्ष की प्रतिकृति और 14 थीम आधारित गैलरियां इसकी खासियत होंगी। यह संग्रहालय नई पीढ़ी तक आदिवासी शौर्य और गौरवगाथा पहुंचाने का प्रतीक बनेगा।
