छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तेंदूपत्ता वन लॉट के सफल खरीदारों को बड़ा झटका देते हुए उनकी सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने जैव विविधता बोर्ड द्वारा खरीदारों से लिए जाने वाले 2 प्रतिशत एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS) शुल्क को वैध माना है।
खरीदारों का कहना था कि वे तेंदूपत्ता सीधे वनवासियों से नहीं खरीदते, बल्कि सरकारी नीलामी के माध्यम से वन लॉट लेते हैं, इसलिए उन पर ABS नियम लागू नहीं होना चाहिए। लेकिन हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
कोर्ट ने कहा कि तेंदूपत्ता एक जैव संसाधन है और उसका व्यावसायिक उपयोग करने वाले खरीदार ABS शुल्क से छूट नहीं पा सकते। इस फैसले के बाद तेंदूपत्ता कारोबारियों से 2 प्रतिशत ABS राशि की वसूली पहले की तरह जारी रहेगी।
