दुर्ग जिले में कथित अवैध अफीम खेती के मामले में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने माना कि कार्रवाई के समय वे खेत में मौजूद नहीं थे और उनके पास से कोई मादक पदार्थ भी बरामद नहीं हुआ था। साथ ही, मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोप पत्र भी अदालत में पेश किया जा चुका है।
हालांकि, विनायक ताम्रकार की FIR और आरोप पत्र को रद्द करने की मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर सबूतों की विस्तृत जांच नहीं की जा सकती। इसलिए मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी, जबकि आरोपी को कुछ शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने की अनुमति दी गई है।
