छत्तीसगढ़ में जल संकट ने हालात दे दिए हैं। प्रदेश के कई बड़े बांध अब 20% से भी कम पर पहुंच गये हैं। राज्य के 5 ब्लॉक को क्रिटिकल जोन में रखा गया है जबकि 21 ब्लॉक सेमी-क्रिटिकल स्थिति में पहुंच गए हैं।
जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भूजल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। इस समय लगभग 50% भूमि का दोहन हो चुका है। अगर मई-जून में बारिश नहीं हुई तो हालात और खराब हो सकते हैं।
विशेषज्ञ का कहना है कि पानी की बचत अब जरूरी नहीं, बल्कि अनिवार्य हो गई है। जल संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा जिला एवं शहर में विशेष अभियान की तैयारी की जा रही है।
लोगों से अपील की जा रही है कि बोरवेल और ट्यूबवेल का इस्तेमाल सोच-समझकर करें, ताकि आने वाले समय में पीने के पानी की मीटिंग से बच जा सकें।
