देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर रेलवे ने बड़ा अपडेट दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार ट्रेन में जरूरी सुधारों (रेट्रोफिटिंग) का काम लगभग पूरा हो चुका है और दिसंबर में इसे यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। टेस्टिंग के दौरान बोगियों और सीटों में कुछ छोटी-मोटी कमियां सामने आई थीं, जिन्हें अब ठीक किया जा रहा है।
सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए आपातकालीन अलार्म बटन की जगह बदली गई है, एसी डक्ट को बेहतर पोज़िशन में शिफ्ट किया गया है और कोचों में फायर-सेफ केबल व आर्क फॉल्ट डिटेक्शन डिवाइस लगाए जा रहे हैं। साथ ही EN 45545 और EN 15227 जैसे यूरोपीय सुरक्षा मानकों की थर्ड-पार्टी जांच भी कराई जा रही है।
पहले लॉन्च की तारीख कई बार टल चुकी है, लेकिन अब रेलवे का दावा है कि दिसंबर में ट्रेन तय समय पर ट्रैक पर दौड़ेगी। BEML इस समय 10 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण कर रही है। पहली ट्रेन प्रोटोटाइप होने के कारण हर पैरामीटर पर गहराई से परीक्षण किया गया और सभी सुझाए गए बदलाव लागू किए जा रहे हैं। रेलवे का कहना है कि सुरक्षा और आराम से कोई समझौता नहीं होगा।
ट्रेन 160 किमी/घंटा की गति के लिए डिजाइन की गई है और इसका ट्रायल 180 किमी/घंटा तक किया जा चुका है। लॉन्च के बाद लंबी दूरी की यात्रा पहले से कहीं अधिक आरामदायक और सुरक्षित होगी।
