दिल्ली/भोपाल। एक बयान, किस मंत्री की गरिमा पर सवाल उठायें। कर्नल सोफिया की बाइबिल टिप्पणी को लेकर मंत्री विजय शाह अब सर्वोच्च न्यायालय की पीठ पर झुके हुए हैं। कोर्ट ने साफा से कहा- “देश तुम्हारी बातों से शर्मिंदा है, और तुम्हारी माफ़ी सिर्फ ज़रूरी है।”
मामला जब अदालत में पहुंचा, तो न्यायाधीशों ने मंत्री की भाषा पर कटा एतराज बॅन्ज़ा कर लिया। अदालत ने पूछा- “किस अधिकार से आपने इस तरह का बयान दिया है? क्या आप देखते हैं कि इतने मजबूत बालों का अपमान करने से आपकी शक्ति मजबूत होगी?”
कोर्ट के गवाह प्रश्न:
माफ़ी या चालाकी? हमें पता है।
बयान पर पछतावा है या राजनीति?
ये माफ़ी है या गणतंत्र के फूल?
तीन सुपरमार्केट सामूहिक कर कोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ में ही चाकूबाजी रोके जरूर रखी गई है, लेकिन टिप्पणी में तीखापन साफ झलकता है।
