कोयला घोटाले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इस चर्चित केस में जेल में बंद सौम्या चौबे, रानू साहू और अन्य 4 आरोपियों को जमानत मिल गई है। कुल 6 आरोपी अब जेल से रिहा हो चुके हैं, लेकिन कोर्ट ने इनकी रिहाई के साथ सख्त शर्तें भी लगाई हैं।
क्या हैं शर्तें?
कोर्ट ने सभी आरोपियों को निर्देश दिया है कि वे फिलहाल छत्तीसगढ़ के बाहर रहेंगे और हफ्ते में एक बार जांच एजेंसी को अपनी उपस्थिति रिपोर्ट करेंगे। इसके साथ ही, उन्हें अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करना होगा ताकि देश छोड़ने की कोई कोशिश न हो सके।
7 दिन में देना होगा नया पता
सभी आरोपियों को अगले 7 दिनों के भीतर अपना नया अस्थायी पता जांच एजेंसी को देना होगा। यदि पता समय पर नहीं दिया गया तो यह जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा और कार्रवाई हो सकती है।
क्यों चर्चा में है ये केस?
छत्तीसगढ़ का कोयला घोटाला एक बहुचर्चित मामला है, जिसमें अफसरों, कारोबारियों और नेताओं के गठजोड़ की जांच हो रही है। आरोप है कि कोयला आवंटन और परिवहन में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) इस केस की जांच कर रही है।
जेल में 6 महीने से ज्यादा वक्त
इन 6 आरोपियों को करीब 6 महीने से ज्यादा वक्त तक जेल में रहना पड़ा। कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी गई।
अब आगे क्या?
आरोपियों को न सिर्फ छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, बल्कि कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना होगा जिससे जांच में बाधा पहुंचे। साथ ही कोर्ट की हर सुनवाई में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।
