राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रविवार, 1 जून 2025 को देश के 8 राज्यों में टेरर फंडिंग और संदिग्ध जासूसी गतिविधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। छत्तीसगढ़ सहित दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, असम और पश्चिम बंगाल के 15 ठिकानों पर छापेमारी में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, और संवेदनशील वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए। यह कार्रवाई पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की गई, जो भारत में गोपनीय जानकारी लीक करने और इसके लिए फंडिंग के जरिए संचालित था।
पाकिस्तानी एजेंटों से जुड़े तार
NIA के मुताबिक, यह मामला 20 मई 2025 को दर्ज किया गया था, जब एक संदिग्ध को 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ये संदिग्ध भारत में विभिन्न चैनलों के जरिए फंड प्राप्त कर रहे थे। छापेमारी के दौरान जब्त सामग्री से इस नेटवर्क के और गहरे राज खुलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट
छत्तीसगढ़ में यह ऑपरेशन खासा चर्चा में है, क्योंकि यह क्षेत्र पहले से ही माओवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। NIA ने पिछले साल 2024 में भी छत्तीसगढ़ में माओवादी फंडिंग के खिलाफ 6 जगहों पर छापे मारे थे और हाल ही में 2025 में CPI (माओवादी) के एक बड़े नेता को गिरफ्तार किया था। इस बार का ऑपरेशन हालांकि पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क पर केंद्रित है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
आगे क्या?
NIA अब जब्त दस्तावेजों और डिवाइस की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई से जासूसी नेटवर्क के और सदस्यों का पर्दाफाश हो सकता है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह ऑपरेशन देश की सुरक्षा के लिए अहम कदम है।
