हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा देने के लिए भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। चारों क्वाड देशों ने पहली बार संयुक्त रूप से ‘एट सी ऑब्जर्वर मिशन’ (At-Sea Observer Mission) की शुरुआत की है, जो क्षेत्रीय समुद्री गतिविधियों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
यह मिशन विशेष रूप से उन चुनौतियों से निपटने के लिए शुरू किया गया है जो अवैध, गैर-सूचित और अनियमित (IUU) मछली पकड़ने, समुद्री सुरक्षा खतरों और मानवीय आपात स्थितियों से जुड़ी हैं। मिशन के तहत क्वाड देशों की नौसेनाओं ने एक-दूसरे की गतिविधियों का अवलोकन किया और समुद्री ट्रैफिक, जल सुरक्षा और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने के उपायों पर काम किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के जवाब में एक संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ यानी “मुक्त और स्वतंत्र हिंद-प्रशांत” की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में यह एक ठोस कदम है।
भारत के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस मिशन से चारों देशों की नौसेनाओं के बीच विश्वास, पारदर्शिता और तालमेल बढ़ेगा, जिससे भविष्य में किसी भी समुद्री संकट या आपदा से निपटना आसान होगा।
