अब तक आपने ट्रेनों से चादर और तकिया गायब होने की खबरें सुनी होंगी, लेकिन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तो चोरों ने वीवीआईपी लेवल पर भी हाथ साफ करना शुरू कर दिया है। मामला है सिविल लाइंस स्थित वीवीआईपी सर्किट हाउस का, जहां बड़े-बड़े मंत्री, विधायक, सांसद और IAS अधिकारी ठहरते हैं। यहां से लगातार टॉवेल, नेपकिन और चादरें गायब हो रही हैं – और वो भी रहस्यमयी तरीके से!
VVIP गेस्ट हाउस या ‘मिनी बाज़ार’?
जिस जगह पर सरकारी सुरक्षा, बटन वाला सर्विस और तमाम सुविधाएं होती हैं, वहां अब हर रूम की जांच शुरू हो गई है कि अगली सुबह कौन-कौन सी चीज़ गायब मिलती है। स्टाफ के मुताबिक, “सर जी, रोज़ गिनती करते हैं लेकिन हर बार कोई न कोई टॉवेल, नेपकिन या चादर उड़ ही जाती है!”
स्टाफ परेशान, प्रबंधन हैरान
अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि सर्किट हाउस का स्टाफ अब हर कमरे में CCTV लगाने की सिफारिश कर रहा है। कुछ कर्मचारी तो अपने पर्सनल सामान को भी लॉक करने लगे हैं – क्योंकि यहां तो जो सरकारी है, वो सुरक्षित नहीं!
मंत्रीजी रुकते हैं, नेपकिन रुकता नहीं!
सूत्रों ने बताया कि बीते एक महीने में ही लगभग 50 टॉवेल, 30 नेपकिन और 20 चादरें रहस्यमयी तरीके से गायब हो चुकी हैं। मज़ेदार बात ये है कि ये सब तब हो रहा है जब वहां ठहरने वाले सभी लोग VVIP कैटेगरी में आते हैं।
अब नामों की लिस्ट बन रही है!
प्रशासन ने अब इस पूरे मामले पर सख्त रवैया अपनाया है। कौन-कौन मंत्री, विधायक, अधिकारी और उनके ‘समर्थक’ यहां ठहरे – इसकी पूरी सूची तैयार की जा रही है। हो सकता है जल्द ही यह मुद्दा विधानसभा तक भी पहुंच जाए!
सोशल मीडिया पर ट्रेंड:
“#नेपकिन_गायब_है”, “#मंत्रीजी_का_टॉवेल_किधर_है” जैसे हैशटैग अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग कह रहे हैं – “सरकारी टॉवेल को भी अब सुरक्षा चाहिए!”
