रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। न्यायिक रिमांड के तहत जेल में बंद एक युवक ने जेल प्रशासन और एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि जेल में एक शिक्षक ने व्यक्तिगत रंजिश के चलते कुछ बंदियों को उसके खिलाफ भड़का दिया, जिन्होंने उसे बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद पीड़ित के समाज के लोग भारी संख्या में संबंधित थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। नाराज़ लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी शिक्षक और हमलावर कैदियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि पीड़ित युवक को हाल ही में एक मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया था। वहां तैनात एक शिक्षक से उसकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। पीड़ित का दावा है कि इसी कहासुनी का बदला लेने के लिए शिक्षक ने कुछ कैदियों को उकसाया और उनसे उस पर हमला करवाया।
पीड़ित का कहना है कि उसे रात में बैरक से बाहर बुलाया गया और चार-पांच कैदियों ने उसे लात-घूंसे और डंडों से पीटा। इस दौरान उसके चेहरे और शरीर पर कई चोटें आईं। यही नहीं, उसके अनुसार मारपीट के बाद कैदियों ने धमकी दी कि अगर उसने बाहर शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
थाने का किया घेराव
घटना की खबर मिलते ही पीड़ित युवक के समाज के लोग भड़के और बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और कहा कि यह घटना न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को भी उजागर करती है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब जेल के भीतर ही कोई सुरक्षित नहीं है, तो कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
पुलिस ने क्या कहा
पुलिस ने पीड़ित युवक की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। एसपी ने मीडिया को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक से भी रिपोर्ट तलब की गई है।
