रायपुर, 11 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक और आर्थिक झटका! छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह नई दरें 1 जुलाई 2025 से लागू हो चुकी हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को बढ़ा हुआ बिल अगस्त 2025 से मिलेगा। इस फैसले से घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों और किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।
नई दरों का खुलासा
आयोग के ताजा आदेश के मुताबिक, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। वाणिज्यिक (गैर-घरेलू) उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी 25 पैसे प्रति यूनिट और कृषि पंपों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट तक है। औसतन 1.8% की यह बढ़ोतरी प्रति यूनिट करीब 13 पैसे की वृद्धि के बराबर है। बिजली कंपनी ने 20% की बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इसे कम कर दिया।
बिल पर कितना असर?
घरेलू उपभोक्ता: 100 यूनिट खपत वाले परिवार का बिल 20-50 रुपये तक बढ़ सकता है। अधिक खपत वाले घरों में यह 100-300 रुपये तक हो सकता है।
वाणिज्यिक उपभोक्ता: छोटे व्यवसायों और दुकानों को 25 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी से मासिक बिल में 200-1000 रुपये की अतिरिक्त मार पड़ सकती है।
किसान: कृषि पंपों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी से सिंचाई की लागत बढ़ेगी, जिसका असर फसल उत्पादन पर पड़ सकता है।
बढ़ोतरी के पीछे का कारण
आयोग ने बताया कि कोयले की बढ़ती कीमतें, बिजली उत्पादन और वितरण की लागत में इजाफा, और पुराने बुनियादी ढांचे के रखरखाव का खर्च इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि यह बढ़ोतरी सरकारी योजनाओं, जैसे महतारी वंदन योजना, के खर्च की भरपाई के लिए हो सकती है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
