सरगुजा। जिले में सहकारी समिति से जुड़े एक प्रबंधक की आत्महत्या का मामला सामने आने से प्रशासनिक और सहकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। मृतक प्रबंधक देर रात धान खरीदी केंद्र से काम निपटाकर घर लौटे थे, जिसके कुछ समय बाद उन्होंने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद से क्षेत्र में शोक का माहौल है।
परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार, धान खरीदी सीजन के चलते मृतक पर लगातार काम का दबाव बना हुआ था। किसानों की भीड़, स्टॉक का मिलान, ऑनलाइन एंट्री, भुगतान से जुड़ी जिम्मेदारियां और प्रशासनिक जवाबदेही के कारण वह काफी समय से मानसिक तनाव में थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव ने उन्हें यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक अपने कार्य के प्रति ईमानदार और जिम्मेदार अधिकारी माने जाते थे। उनकी मौत के बाद सहकारी समिति के कर्मचारियों में भय और असंतोष का माहौल है। कई कर्मचारियों ने धान खरीदी व्यवस्था में काम के अत्यधिक दबाव और सीमित संसाधनों की ओर भी इशारा किया है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि जांच में यह सामने आता है कि कार्यदबाव या किसी प्रकार की प्रताड़ना आत्महत्या का कारण बनी, तो संबंधित स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
