रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ’ रैली को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश के वन और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने इस रैली पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस अब संविधान के नाम पर झूठा नाटक कर रही है, जबकि देश को सबसे ज्यादा संवैधानिक चोटें उसी पार्टी ने दी हैं।
कश्यप ने कहा कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाया गया आपातकाल, प्रेस और नागरिक अधिकारों का हनन, विपक्षविहीन संसद और संविधान की मूल प्रस्तावना में बदलाव कांग्रेस की असली सोच को उजागर करता है। उन्होंने तंज कसा, “सौ-सौ चूहे खाकर अब बिल्ली हज को चली है”, जो कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सटीक बैठता है।
उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि अमेरिका में आरक्षण विरोधी बयान देने के बाद कांग्रेस इस पर क्यों चुप है? क्या यही है संविधान की रक्षा? उन्होंने कांग्रेस को साम्प्रदायिक तुष्टीकरण की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बताया।
केदार कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वामपंथी और विदेशी विचारों से प्रभावित होकर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने 2018 में भूपेश बघेल सरकार द्वारा CBI के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने को संविधान विरोधी कदम बताया और कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस अब संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि ईवीएम, ईडी और तमाम जांच एजेंसियों पर सवाल उठाकर कांग्रेस खुद ही अपने पाखंड को उजागर कर रही है। अगर यही रवैया रहा तो कांग्रेस इतिहास में केवल एक धोखे की कहानी बनकर रह जाएगी।
