नई दिल्ली । भारतीय अस्त्र के “ऑपरेशन सिन्दूर” के दौरान नष्ट हुई चीनी PL-15E मिसाइल अब दुनिया भर की छुपी हुई पहेली बन गई है। अमेरिका, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन, इजराइल समेत कुल 7 देशों ने भारत से उस मिशन के दस्तावेज की आधिकारिक मांग की है। कारण है – इसकी तकनीक को मजबूत बनाना, जो चीन की उन्नत एयर-टू-एयर क्षमता को कमजोर करता है।
जानकारी के अनुसार, यह मिसाइल ऑपरेशन के दौरान भूतल सीमा पर एक चीनी फाइटर जेट को दागा गया था, जिसे भारतीय सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर हवा में ही नष्ट कर दिया था। मालबा रोमानिया के घाटियों में बखारा मिला। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स गाइडेंस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और रेंज इंफ्रारेड सेंसर्स जैसे कई हाईटेक प्लांट शामिल हैं।
विशेषज्ञ का मानना है कि यह मालबा चीन के सैन्य आदेश की नकल है। अमेरिका और जापान इसे डीकोड कर यह जानना चाहते हैं कि चीन अगली जंग के लिए कितनी तैयारी कर रहा है। भारत लाइब्रेरी की डॉक्यूमेंट्री जांच चल रही है और तय किया गया है कि किस देश का क्या हिस्सा है।
कंपनी का दावा: अमेरिका ने तो भारत को जॉइंट लैब सपोर्ट तक डिकोडिंग के लिए बुलाया। वहीं, इजराइल ने अपने इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को लेकर खास्ता दी
