April 17, 2026
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विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटा NDA: पीएम मोदी ने बैठक में दिया ‘विकास और एकजुटता’ का मंत्र

नई दिल्ली |2025 के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी रणनीतिक तैयारी तेज कर दी है। रविवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। करीब चार घंटे चली इस बैठक में जातिवार जनगणना, ऑपरेशन सिंदूर, और आर्थिक व सामाजिक विकास जैसे प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

जातिवार जनगणना को मिली NDA की सहमति

बैठक में सबसे अहम मुद्दा जातिवार जनगणना रहा। पीएम मोदी ने साफ किया कि यह केवल राजनीतिक हथियार नहीं, बल्कि वंचित तबकों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की एक ठोस पहल है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि NDA की ओर से इस फैसले का सर्वसम्मति से समर्थन किया गया है।

“हम जातिगत राजनीति नहीं करते, लेकिन हम उन लोगों को सशक्त करना चाहते हैं जो वर्षों से विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं,” — जेपी नड्डा, भाजपा अध्यक्ष

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जातिवार गणना पर प्रस्ताव रखा, जिसे आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अनुमोदित किया। यह प्रस्ताव NDA के भीतर सामाजिक संतुलन और समावेशी राजनीति की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राष्ट्रवाद का संदेश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रस्ताव पेश किया, जिसे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने समर्थन दिया। प्रस्ताव में भारतीय सेना की वीरता और प्रधानमंत्री की निर्णायक नेतृत्व क्षमता की सराहना की गई। यह स्पष्ट संकेत है कि NDA राष्ट्र सुरक्षा और सैन्य दृढ़ता को चुनावी एजेंडे का अहम हिस्सा बनाएगा।

पीएम मोदी का ‘विकास मंत्र’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सभी राज्यों को तेजी से विकास की दिशा में काम करना चाहिए ताकि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सके।

“हमारा सामूहिक प्रयास भारत को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का होना चाहिए,” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नक्सल क्षेत्रों में सुधार योजनाएं भी एजेंडे में

बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे अभियानों और पुनर्वास योजनाओं पर भी चर्चा हुई। सरकार की मंशा है कि जो नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास योजनाएं चलाई जाएं। इससे सरकार की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक न्याय दोनों की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।


क्या कहती है यह रणनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा और NDA ने चुनावी नैरेटिव को साफ कर दिया है — विकास, सामाजिक समावेश, और राष्ट्रवाद। इसके ज़रिए पार्टी विपक्ष के एजेंडे को चुनौती देने की तैयारी में है।

वहीं विपक्षी दलों के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि भाजपा अब जाति और समाज आधारित मुद्दों को भी अपने ‘विकास के मॉडल’ में समाहित कर रही है — और यह चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है।

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