छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक चौंकाने वाली लेकिन प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहां के सामाजिक कार्यकर्ता सोनचंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधा खत लिखकर एक अनोखी मांग रखी है —
“मुझे सिर्फ 12 दिनों के लिए भारत का शिक्षा मंत्री बना दीजिए, मैं वो सुधार कर दिखाऊंगा जिसकी मिसाल दी जाएगी।”
सोनचंद पिछले कई वर्षों से गांव-गांव घूमकर शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में साफ कहा है कि आज भी देश के दूर-दराज़ इलाकों में सरकारी स्कूल केवल नाम के हैं।
“बच्चों के पास न तो किताबें हैं, न शिक्षक समय पर आते हैं, और न ही स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं।”
सोनचंद का संकल्प:
स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता पर
हर बच्चे तक पहुंचाने योग्य, व्यवहारिक और आनंददायक शिक्षा
शिक्षकों की जवाबदेही और नियमित प्रशिक्षण
ग्राम शिक्षा निगरानी समितियों को सशक्त करना
शिक्षा को सरकारी योजना नहीं, जन आंदोलन बनाना
लोगों का समर्थन:
सोनचंद के इस आत्मविश्वास भरे कदम ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। कई यूजर्स ने लिखा:
“अगर सोनचंद जैसे लोग नीति निर्माण में आएं, तो देश की तालीम वाकई बदलेगी।”
उनकी सोच और साहस ने हजारों लोगों को प्रेरित किया है।
