मध्य प्रदेश सरकार इस बार कुछ हटकर करने जा रही है। राजधानी भोपाल से दूर, सतपुड़ा की गोद में बसे खूबसूरत हिल स्टेशन पचमढ़ी में मंगलवार को कैबिनेट बैठक होने जा रही है।
बैठक का स्थान खास है — ब्रिटिश काल का राजभवन, जहां आज तक किसी सरकार ने कैबिनेट मीटिंग नहीं की।
यह बैठक पचमढ़ी रियासत के राजा भभूत सिंह की स्मृति को समर्पित होगी — जो आज़ादी के पहले इस क्षेत्र के सम्मानित शासक माने जाते थे।
बैठक क्यों खास है?
यह पहला मौका है जब राज्य सरकार राजभवन पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक कर रही है।
इसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से एक प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है।
पचमढ़ी का चयन एक ‘हेरिटेज सर्किट’ विकसित करने की योजना का हिस्सा भी है।
राजभवन: इतिहास की गवाही देने वाला ठिकाना
राजभवन पचमढ़ी का निर्माण अंग्रेजों के समय हुआ था, जो कभी ब्रिटिश अधिकारियों का समर रेसिडेंस हुआ करता था।
अब यह राज्यपाल का ग्रीष्मकालीन आवास है। पहली बार इस ऐतिहासिक भवन में कैबिनेट की नीतिगत बैठक होगी।
राजा भभूत सिंह: जिनके नाम होगी बैठक
राजा भभूत सिंह पचमढ़ी-छिंदवाड़ा अंचल की गोंड रियासत के शासक थे। वे जनजातीय समाज में शिक्षा और जागरूकता लाने के पक्षधर थे। राज्य सरकार ने इस बैठक को उनकी स्मृति में सांस्कृतिक समर्पण के रूप में समर्पित करने का निर्णय लिया है।
कब-कौन पहुंचेगा?
मंत्रीगण सोमवार (2 जून) शाम तक पचमढ़ी पहुंच जाएंगे।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी सोमवार रात या मंगलवार सुबह पहुँच सकते हैं। बैठक मंगलवार (3 जून) को सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। कैबिनेट सचिवालय ने इसके लिए विशेष एजेंडा तैयार किया है।
संभावित फैसले: क्या हो सकता है एजेंडा?
- पचमढ़ी को ग्रीन टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव
- पचमढ़ी-होशंगाबाद रोड को नेचर कॉरिडोर घोषित करने की योजना
- गोंड और भील समुदायों के लिए सांस्कृतिक संस्थान की स्थापना
- वन नीति 2025 का प्रस्ताव, जो जनजातीय हितों को प्राथमिकता देगा
सुरक्षा और तैयारियां पूरी
राजभवन परिसर में Z+ श्रेणी की सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी और जिला प्रशासन की 24×7 निगरानी के इंतज़ाम किए गए हैं।
