April 16, 2026
The Defence
अन्य

सेना कैंप पर टूटी पहाड़ी की दीवार: सिक्किम में भीषण लैंडस्लाइड से 3 जवान शहीद, 6 लापता

उत्तर सिक्किम के चटेन क्षेत्र में रविवार को भारी बारिश के कारण भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ, जिसने भारतीय सेना के एक शिविर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में तीन जवान शहीद हो गए और छह जवान लापता हैं। बचाव कार्य रात भर चला और सोमवार को भी जारी रहा। इसके साथ ही आसपास के पर्यटक स्थलों पर लगभग 1500 से अधिक सैलानी फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए सेना और प्रशासन ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया है।

कैसे हुआ हादसा?

उत्तर सिक्किम में पिछले कई दिनों से भारी बारिश जारी है। रविवार को शाम करीब 5 बजे चटेन के पास सेना का एक कैंप अचानक आए भारी भूस्खलन की चपेट में आ गया।

भूस्खलन इतना तीव्र था कि शिविर के कई हिस्से और टेंट मलबे के नीचे दब गए। वहां तैनात सैनिकों को संभलने का भी मौका नहीं मिला।

भूस्खलन के तुरंत बाद पास के शिविरों से सेना की इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। कुछ ही घंटों में तीन जवानों के शव निकाले गए, लेकिन 6 जवान अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।

सेना और NDRF का संयुक्त रेस्क्यू अभियान

रविवार रात और सोमवार सुबह से भारतीय सेना, ITBP और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें संयुक्त रूप से लापता जवानों की तलाश कर रही हैं।

रात में अंधेरा, बारिश और पहाड़ी रास्तों ने राहत कार्यों में भारी अड़चनें डालीं, लेकिन डॉग स्क्वॉड, थर्मल इमेजिंग डिवाइसेज़ और बैकहो लोडर्स के सहारे मलबा हटाया जा रहा है।

1500 से अधिक पर्यटक फंसे: एयरलिफ्ट की तैयारी

इस हादसे के साथ-साथ, सिक्किम के अन्य पर्यटन स्थलों जैसे लाचुंग, युमथांग और चुंगथांग में लगातार बारिश के कारण सड़कें टूट चुकी हैं और पुल बह गए हैं।

लगभग 1500 पर्यटक फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

राज्य सरकार ने सोमवार सुबह से हेलिकॉप्टर के ज़रिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। राहत सामग्री जैसे खाद्य पैकेट, दवाएं, तंबू और कंबल भी वायुसेना की मदद से भेजे जा रहे हैं।

चश्मदीदों की ज़ुबानी

स्थानीय ग्रामीण कृष्णा भूटिया ने बताया:

“हमने जोरदार गड़गड़ाहट सुनी। जब बाहर निकले तो पूरा कैंप मलबे में दब चुका था। बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन मौसम साथ नहीं दे रहा।”

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने घटना पर गहरा दुख जताया है और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है।

उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।

गृह मंत्रालय ने हालात की निगरानी के लिए दिल्ली से भी एक केंद्रीय टीम भेजने के आदेश दिए हैं।

सिक्किम सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही लापता जवानों की खोज के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने का वादा किया है।

पूर्वोत्तर भारत में मौसम का तांडव

सिर्फ सिक्किम ही नहीं, बल्कि असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय में भी बारिश और बाढ़ से तबाही मची है। अब तक की जानकारी के अनुसार:

37 लोगों की मौत

50,000 से अधिक लोग प्रभावित

हजारों हेक्टेयर फसलें नष्ट

100+ गांवों का संपर्क टूटा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की चेतावनी दी है।

ज़रूरी हेल्पलाइन नंबर

सेवा हेल्पलाइन नंबर

सिक्किम पुलिस कंट्रोल रूम 03592-202245

पर्यटन सूचना केंद्र 03592-205320

एनडीआरएफ हेल्पलाइन 1800-112-345

Related posts

रेल सफर अब थोड़ा महंगा: 1 जुलाई से AC कोच का टिकट महंगा, हर 1000 किमी पर 20 रुपए तक की बढ़ोतरी

admin

हिमालय पर मंडराता खतरा सुप्रीम कोर्ट बोला- हिमालयी क्षेत्र आपदाओं की जद में; हिमाचल से बढ़ाकर उत्तराखंड-जम्मू तक दायरा होगा, 23 सितंबर को सुनाएगा बड़ा फैसला

admin

शिलॉन्ग में हनीमून बना काल: इंदौर के नवविवाहित की बेरहम हत्या, पत्नी का अब तक सुराग नहीं

admin

Leave a Comment