अहमदाबाद, 15 जून 2025: अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हुए दिल दहलाने वाले विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत की पुष्टि DNA टेस्ट से हो गई है। उनके पार्थिव शरीर को राजकोट ले जाया गया, जहां आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। हादसे में अब तक 31 शवों की पहचान हो चुकी है, और 20 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। ब्लैकबॉक्स के डेटा से हादसे के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
हादसे की भयावहता
12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-247, जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, टेकऑफ के 32 सेकंड बाद अहमदाबाद के एक हॉस्टल पर जा गिरी। हादसे में हॉस्टल की छत पूरी तरह ध्वस्त हो गई, और वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ व मरीजों सहित सैकड़ों लोग मारे गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि 5 किलोमीटर तक आवाज सुनाई दी।
DNA पहचान और राहत कार्य
हादसे के बाद NDRF और SDRF की टीमें तुरंत बचाव कार्य में जुट गईं। अब तक 248 शवों के DNA सैंपल लिए गए, जिनमें से 31 की पहचान हो चुकी है। विजय रूपाणी के परिवार ने उनके शव की पहचान के लिए DNA सैंपल दिए थे, जिसका मिलान शनिवार देर रात पूरा हुआ। 20 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं, जबकि बाकी की पहचान प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 190 से ज्यादा एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें राहत कार्य में लगी हैं।

विजय रूपाणी का अंतिम संस्कार
पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का शव राजकोट ले जाया गया, जहां रविवार दोपहर को पारंपरिक रीति-रिवाजों और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और कई वरिष्ठ नेता राजकोट पहुंच चुके हैं। रूपाणी के निधन से पूरे गुजरात में शोक की लहर है।
जांच में नया मोड़
हादसे की जांच के लिए NIA, DGCA, और दो अन्य केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हैं। हॉस्टल की छत से ब्लैकबॉक्स बरामद कर लिया गया है, और इसके डेटा का विश्लेषण शुरू हो गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आतंकी साजिश की संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैकबॉक्स से हादसे के सटीक कारणों का पता चल सकता है।
स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का वादा किया। गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। अहमदाबाद में स्थानीय लोग और NGOs राहत कार्यों में जुटे हैं, और रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है
