April 17, 2026
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अहमदाबाद विमान हादसे में विजय रूपाणी की अंतिम विदाई: शाह, CM पटेल ने दी श्रद्धांजलि, राजकोट में उमड़ा जनसैलाब

राजकोट. गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता विजय रूपाणी को आज, 16 जून 2025 को राजकोट में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे में उनका निधन हो गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्यपाल आचार्य देवव्रत और कई बड़े नेता राजकोट पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

कैसे हुआ हादसा?
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विजय रूपाणी, जो अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे, सहित कई यात्रियों की जान चली गई। हादसे की जांच के लिए केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय समिति गठित की है।

श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
विजय रूपाणी का पार्थिव शरीर आज सुबह उनके गृहनगर राजकोट लाया गया। उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग जमा हुए। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अमित शाह ने कहा, “विजय भाई का गुजरात के विकास में योगदान अतुलनीय है। उनका निधन देश और पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है।”

नेताओं का तांता
श्रद्धांजलि देने वालों में गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, और कई सांसद-विधायक शामिल रहे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “रूपाणी जी का सादगी भरा जीवन और जनसेवा की भावना हमेशा प्रेरणा देगी।” गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने भी उन्हें ‘सच्चा जननायक’ करार दिया।

अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ
रूपाणी का अंतिम संस्कार राजकोट के रामनाथपारा श्मशान घाट में दोपहर 3:30 बजे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। गुजरात सरकार ने उनके सम्मान में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया, और सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। उनके परिवार में पत्नी अंजलि और दो बच्चे हैं, जिन्हें नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढांढस बंधाया।

रूपाणी का राजनीतिक योगदान
विजय रूपाणी 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में गुजरात ने औद्योगिक विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति की। एक सादगी पसंद और जमीनी नेता के रूप में उनकी छवि थी। उन्होंने राजकोट से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

शोक में डूबा गुजरात
रूपाणी के निधन से पूरे गुजरात में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर लोग उनके कार्यों को याद कर रहे हैं। राजकोट की एक स्थानीय निवासी सुमित्रा बेन ने कहा, “विजय भाई हमेशा हमारे बीच रहते थे। उनका जाना राजकोट के लिए व्यक्तिगत नुकसान है।”

भाजपा ने रद्द किए कार्यक्रम
भाजपा ने रूपाणी के सम्मान में अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। पार्टी ने अगले सप्ताह अहमदाबाद में एक शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें उनके योगदान को याद किया जाएगा।

परिवार का बयान
रूपाणी के बेटे ने मीडिया से बातचीत में कहा, “पिताजी हमेशा जनता की सेवा में लगे रहे। हम चाहते हैं कि उनकी स्मृति को उनके कामों के जरिए जिंदा रखा जाए।”

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